नोएडा निवासी पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रंजन तोमर द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत दायर आवेदन के जवाब में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB), भारत सरकार ने गंगा डॉल्फिन के शिकार एवं मृत्यु से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई है।
RTI के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य वन विभागों एवं पुलिस अधिकारियों से प्राप्त अभिलेखों के आधार पर वर्ष 2020 से अप्रैल 2026 तक कुल 10 गंगा डॉल्फिन की शिकार अथवा अन्य कारणों से मृत्यु दर्ज की गई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
पश्चिम बंगाल में वर्ष 2020 में 2, वर्ष 2023 में 1, वर्ष 2025 में 4 तथा वर्ष 2026 में 1 गंगा डॉल्फिन की मृत्यु/शिकार की घटनाएं दर्ज की गईं।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2021 में 1 तथा वर्ष 2023 में 1 गंगा डॉल्फिन की मृत्यु/शिकार की घटना दर्ज की गई।
RTI के जवाब में यह भी बताया गया है कि इन मामलों में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य तथ्य (RTI से प्राप्त)
2020 से अप्रैल 2026 तक कुल 10 गंगा डॉल्फिन की मृत्यु/शिकार की घटनाएं दर्ज।
पश्चिम बंगाल में 8 एवं उत्तर प्रदेश में 2 मामले दर्ज।
संबंधित मामलों में कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी।
डॉ. रंजन तोमर ने कहा कि गंगा डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है और इसकी सुरक्षा केवल सरकारी एजेंसियों की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। RTI से प्राप्त यह जानकारी दर्शाती है कि संरक्षण प्रयासों के बावजूद गंगा डॉल्फिन अभी भी अवैध शिकार और अन्य खतरों का सामना कर रही है। उन्होंने संबंधित विभागों से निगरानी और संरक्षण उपायों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. तोमर ने कहा कि जैव विविधता संरक्षण और नदियों के पारिस्थितिक तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए गंगा डॉल्फिन का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वन्यजीव अपराधों की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, जिससे इस दुर्लभ और संरक्षित प्रजाति की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।


